शुक्रवार, 28 मई 2010
















3 टिप्‍पणियां:

  1. भव्य समारोह के लिए बधाई. इस योजना में कुछ लाभ हो ऐसी शुभकामना है जिस से यह सिलसिला जारी रहे. आप अगर लेखक-कवि नहीं होते तो यह असंभव था. घर फूंक कर तमाशा एक साहित्यकार ही देख सकता है. पुनः बधाई और सफलता हेतु मंगलकामनाएं.

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  2. बहुत बधाई एक सकारात्‍मक पहल की सफलता के लिये।

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